झारखंड के 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 60-65 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा
मौसम विभाग ने रविवार को रांची समेत झारखंड के 14 जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और आंधी की संभावना जताई है।
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मौसम विभाग ने रविवार को रांची समेत झारखंड के 14 जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और आंधी की संभावना जताई है।
केकेएन स्टेडियम में अंडर-17 बालक-बालिका वर्ग की दौड़, कूद और थ्रो स्पर्धाएं हुईं। देवघर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया।
धनबाद में पशुपालन विभाग ने बकरी पालकों से नवजात बच्चों को ठंड, नमी और गंदगी से बचाने तथा साफ, सूखे और हवादार बाड़े में रखने को कहा है।
नेतरहाट आवासीय विद्यालय में प्राचार्य पद को लेकर एडहॉक कमेटी और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अलग-अलग आदेशों से प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
झारखंड में मानसून फिर सक्रिय हुआ है। चार जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी के साथ रांची समेत कई हिस्सों में तेज हवा और बौछारों का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी के उत्तर में बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से धनबाद में बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-वज्रपात और तेज हवा को लेकर भी चेतावनी दी है।
बंगाल की खाड़ी के आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से झारखंड में बारिश बढ़ने का पूर्वानुमान है। 10 सितंबर को रांची समेत नौ जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के असर से झारखंड में बारिश तेज होने की संभावना है। 10 सितंबर को रांची सहित 11 जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है।
सामान्य क्षेत्रों में चीनी डीलर अधिकतम 2,000 क्विंटल स्टॉक रख सकेंगे। नई सीमा 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी और हर शुक्रवार पोर्टल पर जानकारी अपडेट करनी होगी।
रांची समेत झारखंड में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम केंद्र ने 10 सितंबर को राजधानी में भारी बारिश तथा 9 से 12 सितंबर तक तेज हवा और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया है।
झारखंड में मानसूनी गतिविधियां फिर बढ़ने का अनुमान है। 10 सितंबर तक कई क्षेत्रों में बारिश, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पलामू प्रमंडल में 8 और 9 सितंबर को बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
देवघर में लगातार बारिश के बीच डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। सदर अस्पताल में विशेष वार्ड भी तैयार किया गया है।
खूंटी की पहाड़ियों, जंगलों और नदी किनारों पर काश के सफेद फूल खिलने से मनोरम दृश्य बन गया है। राहगीर रुककर तस्वीरें और सेल्फी ले रहे हैं।
धनबाद में शनिवार को दिनभर बादल और हल्की बारिश का सिलसिला रहा। मौसम विभाग ने 6 और 7 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
जरगा पंचायत के सुदूर झरखी इलाके में स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सपहा तक पहुंचने के लिए शिक्षक ब्रह्मदेव शर्मा को बरसात में वृंदाहा नदी पार करनी पड़ती है।
एक जून से चार सितंबर तक झारखंड में सामान्य से केवल एक प्रतिशत कम बारिश हुई, लेकिन पाकुड़ में वर्षापात की कमी 47 प्रतिशत दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। 9 और 10 सितंबर को रांची समेत कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
लगातार बारिश से पुठीमारी पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गया है। मरम्मत शुरू की गई है, लेकिन बारिश के कारण काम की रफ्तार प्रभावित है।
धनबाद में मानसून की बारिश 93 दिनों बाद सामान्य स्तर को पार कर गई है। जिले में 842.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 841 मिलीमीटर है।
जुलाई के अंत में लक्ष्य की केवल 4.27 प्रतिशत धान रोपनी हुई थी। अगस्त की बारिश के बाद दो सितंबर तक गढ़वा में यह आंकड़ा 87.98 प्रतिशत पर पहुंच गया।
धनबाद में 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दिन बादल छाए रहने और एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मंदिरों और झांकियों की तैयारियों पर मौसम का असर पड़ सकता है।
गिरिडीह में बारिश के बीच खंडोली जलापूर्ति केंद्र का संचालन प्रभावित होने से कई इलाकों में सुबह पानी नहीं पहुंचा। डिप्टी मेयर ने बिजली की अस्थिर आपूर्ति को इसकी वजह बताया।
पलामू जिला प्रशासन ने लगातार बारिश, स्कूल परिसरों में जलजमाव और आवागमन की दिक्कतों को देखते हुए सभी सरकारी व निजी स्कूलों में तीन सितंबर तक कक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
हुसैनाबाद में सोन नदी खतरे के निशान से 208 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई। प्रशासन ने नदी के बीच बसे क्षेत्र से लोगों को बाहर निकालकर निगरानी और माइकिंग बढ़ा दी है।
मौसम केंद्र के अनुसार गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा में बुधवार को बारिश का असर रह सकता है। उफनती नदियों और बढ़े जलस्तर के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
गढ़वा में भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए दो दिनों के लिए स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। जिला फ्लैश फ्लड चेतावनी वाले दस जिलों में शामिल है।
गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा में 2 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। रांची समेत अन्य जिलों में भी स्थानीय स्तर पर वर्षा हो सकती है।
रांची में एक सितंबर तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। तीन सितंबर के बाद मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं, जबकि नौ सितंबर के बाद फिर वर्षा की संभावना है।
कंपनी की शिकायत पर हंसडीहा पुलिस और विजिलेंस टीम ने दुकानों तथा एक गोदाम की जांच की। तीन लोगों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
खेलो झारखंड और एसजीएफआई प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर देवघर की मुस्कान कुमारी और मौसम कुमारी का राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ है।
सोन नदी में करीब दो लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी पहुंचने के बाद हुसैनाबाद क्षेत्र में जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन ने नदी किनारे और बीच के टीलों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लौटने की सलाह दी है।
लगातार बारिश के बीच खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर से अधिक ऊपर पहुंच गया है। स्वर्णरेखा भी मानगो पुल के पास चेतावनी की सीमा के करीब है।
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड में बारिश का दौर जारी है। सात जिलों में ऑरेंज और चार जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
धनबाद में अगस्त के दौरान 2017 से अब तक की सर्वाधिक बारिश दर्ज हुई। एक जून से 31 अगस्त तक जिले में 770.5 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य आंकड़े से 6 प्रतिशत कम है।
कालेश्वरी बागी जाने वाली सड़क का करीब 500 मीटर हिस्सा जमीन विवाद के कारण पक्का नहीं बन सका था। ग्रामीणों ने सहयोग राशि जुटाकर मोरम, बजरी-बालू और बोल्डर से रास्ते को आवागमन योग्य बनाया।
मौसम विभाग ने मंगलवार को झारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज और तेज हवा की संभावना को लेकर येलो तथा ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
एक जून से 31 अगस्त तक झारखंड में 747.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। पश्चिमी सिंहभूम में 1224.4 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि पाकुड़ में सबसे अधिक कमी रही।
भारी बारिश के बाद बर बांध का एक हिस्सा टूटने से पानी और बालू खेतों तक पहुंच गया। स्थानीय किसानों तथा प्रखंड उप प्रमुख ने 100 एकड़ से अधिक धान की फसल प्रभावित होने की बात कही है।
जून-जुलाई में कमजोर मानसून से पिछड़ी गढ़वा की धान खेती ने अगस्त में रफ्तार पकड़ी। जिले में रोपनी लक्ष्य के 4.27 प्रतिशत से बढ़कर करीब 85 प्रतिशत हो गई है।
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